झारखंड संयुक्त स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक प्रतियोगिता परीक्षा 2016 की आत्मकथा
जिन्दगी की बर्बादी कैसे होती ये जानने के लिए क्लिक करें झारखंड संयुक्त स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक प्रतियोगिता परीक्षा 2016 की आत्मकथा 1- 2013 का आखरी महीना यही वह दौर था जब पूरे देश में एक लहर चल रही थी, एक ऐसी लहर जिसे आने वाली कई पीढ़ियां याद रखेंगे उस लहर का नाम था-‘ मोदी लहर’। पूरे देश में बदलाव की आंधियां चल रही थी | ऐसा लग रहा था कि अब भारत बिल्कुल कांग्रेस मुक्त हो जाएगा। टीवी चैनलों पर हर 5 मिनट में ‘’ अच्छे दिन आने वाले हैं मोदी जी आने वाले हैं ‘’ का प्रचार चलते रहता था। इसी दौरान मिडिया में विभिन्न समाचार पत्रों में खबर आनी शुरू हुई कि हाई स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी चल रही है और लगे हाथ बीजेपी ने इसे झारखंड विधानसभा चुनाव में चुनावी मुद्दा बना ...